नोएडा। वेतन वृद्धि को लेकर 13 अप्रैल को हुई श्रमिक हिंसा की करीब महीनेभर से चल जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। हिंसा के दौरान करीब तीन से पांच सेकेंड में वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। उनको पता था कि बाइक का पाइप खोलकर कैसे आग लगाई जा सकती है या उपलब्ध ज्वलनशील पदार्थ को कहां पर डालना है। एकाएक वाहनों में आग भड़क उठे, जबकि आमजन को किसी भी वाहन में आग लगाने में औसतन दो से पांच मिनट का समय लगता है।
नोएडा फेज दो, सेक्टर 63 आदि जगहों पर हिंसा के दौरान के वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों से पुष्टि हुई। उपद्रवियों ने कैमिकल फैक्ट्रियों तक पहुंच नहीं पाने पर आटोमोबाइल व हाजरी की फैक्ट्रियों को भी निशाना बनाया। इससे उत्पादन चेन का प्रभावित करना था। जांच उपद्रवियों के प्रशिक्षित होने और षडयंत्र के तहत हिंसा भड़काने की ओर इशारा कर रही हैं। एसआइटी की ओर से फंडिंग और साजिश की जांच जारी है।
उत्पादन सप्लाई चेन प्रभावित करने की आशंका
नोएडा में दो पहिया वाहन से लेकर हेलीकाप्टर के कलपुर्जों तक का निर्माण हो रहा है। यहां की कानून व्यवस्था से लेकर आधारभूत सुविधाओं के बल पर नोएडा गुणवत्ता और उत्पादन के मामले में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। देश-विदेश के उत्पादों को भी टक्कर दे रहा है। ड्रोन से लेकर मोबाइल, आटोमोबाइल और हाजरी की इकाइयाें के लगातार स्थापित होने से चाइनीज और पाकिस्तानी देशों जैसे दुश्मनों की आंख में चुभ भी रहा है।

