कोरबा। ‘‘सुशासन तिहार‘‘ के अंतर्गत आज कोरबा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम लेमरू में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही हम सरकार में हैं और उनकी सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता तक सीधी पहुँच की कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ यह सुशासन तिहार 10 जून तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह परिवार का मुखिया अपने परिवार के सुख-दुख जानने के साथ उनकी समस्याओं को दूर करता है, वैसे ही हमारी भी कोशिश है कि शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को परखने के साथ-साथ जनता की समस्याओं को दूर किया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, यह मेरा सौभाग्य है कि मैं लेमरू जैसे दूरस्थ गाँव में आया हूँ। 22 वर्ष पहले यहाँ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी चौपाल लगाई थी। उन्होंने बताया कि इस शिविर में मंत्रीगण और सभी वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर एवं एसपी स्वयं जा रहे हैं। एक ही स्थान पर सभी अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से वे स्वयं भी किसी भी गाँव में अचानक पहुँचकर पेड़ के नीचे चैपाल लगा रहे हैं और जनता की समस्याओं को ुनकर उनका निराकरण करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अभी तक 27 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इस राशि का उपयोग महिलाएं अपने बेटे-बेटियों के जीवन को संवारने में कर रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराया जा रहा है। सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में कुल लगभग 26 लाख आवास बनने हैं, जिनमें से 10 लाख आवास बनकर तैयार हो चुके हैं।उन्होंने कहा कि वनांचल के लोग बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता का संग्रहण करते हैं, जो उनकी आमदनी का मुख्य जरिया है। हमारी सरकार ने प्रति मानक बोरा संग्रहण दर को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही संग्राहकों को पुन: चरण पादुका देना भी शुरू किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कसानों से सर्वाधिक मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है और उन्हें बोनस भी दिया जा रहा है। भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रामलला दर्शन योजना के माध्यम से गरीबों को शासकीय खर्च पर तीर्थ यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल समाधान योजना प्रारंभ किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि अधिक बिल आने के कारण जो उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर पाए हैं, वे इसका लाभ उठाकर अपना सरचार्ज माफ करा सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से बिजली बिल में कटौती करने तथा केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज उनकी भेंट पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों से भी हुई है। पीएम-जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह की बसाहटों तक पक्की सडक़ें, पीएम आवास, राशनकार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। अभी हाल ही में उनके बेहतर उपचार के लिए सर्वसुविधायुक्त एम्बुलेंस भी प्रदान की गई है। उन्होंने लोगों से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लाभान्वित होने की बात कही।शिविर को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘मोदी की गारंटी‘ को बहुत ही अल्प समय में पूरा किया है। गाँव-गाँव तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर गरीबों एवं किसानों को लाभान्वित किया गया है। रिकॉर्ड कीमत पर धान की खरीदी करने के साथ ही 26 लाख पीएम आवासों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री प्रदेश के कोने-कोने में पहुँच रहे हैं और यह तिहार सभी के लिए अत्यंत लाभदायक है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चैधरी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि अत्यधिक तापमान बढऩे के बाद भी मुख्यमंत्री इसकी परवाह किए बिना निरंतर दौरे पर निकल रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं के निराकरण के साथ ही सरगुजा से लेकर बस्तर तक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री को सुनने आए हैं, जो उनकी लोकप्रियता और उनके प्रति जनता के असीम प्यार को दर्शाता है।शिविर में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि सुशासन तिहार का आयोजन कर जिले की सभी ग्राम पंचायतों की समस्याओं को सुनने और उनके निराकरण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है। सभी आवेदनों को सूचीबद्ध करने के साथ ही समय-सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जा रहा है। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से जिले की आँगनबाडिय़ों, शिक्षा के लिए स्कूल भवनों और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भवनों के निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य कराए जाने की जानकारी दी।इस अवसर पर कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल,महापौर श्रीमती संजु देवी राजपूत, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विषेष सचिव श्री रजत बंसल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, जनपद अध्यक्ष कोरबा श्रीमती अधिकारी उपस्थित रहे।लेमरू में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, सिंचाई के लिए एनीकट सहित दूरस्थ क्षेत्रों में स्कूल भवनों की मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लेमरू के जनसमस्या निवारण शिविर में लेमरू क्षेत्र को विकास की अनेक सौगातें दीं। उन्होंने लेमरू में सिंचाई के लिए एनीकट तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम पंचायत अरसेना और ग्राम पंचायत नकिया में विद्युतीकरण का कार्य कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बरपानी से देवदुवारी तक विकास कार्य कराने तथा ग्राम डोकरमना, ग्राम पंचायत कुदरी चिंगार और चिरईझुंझ में नवीन प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा ग्राम पंचायत डोकरमना और ग्राम पंचायत चिरईझुंझ में नवीन आँगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण किया जाएगा तथा ग्राम पंचायत देवपहरी के वार्ड क्रमांक-1 में सीसी रोड और एक पुलिया का निर्माण कराया जाएगा।लेमरू में आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कोरबा जिले के 18 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शिक्षा एवं तकनीकी सहायता के लिए टैबलेट प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
सम्मानित छात्रों में पूर्णेश डहरिया (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोढ़ी, कोरबा) ने 95.6 प्रतिशत, आरती पैकरा (सेजेस लाफा, पाली) ने 95 प्रतिशत, वसुंधरा दूबे (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोढ़ी, कोरबा) ने 93.8 प्रतिशत, प्रीति श्रीवास (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैसमा, कोरबा) ने 93.6 प्रतिशत, प्राची कैवर्त (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुमान, करतला) ने 93.2 प्रतिशत, सरस्वती चंद्रा (शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साडा, कोरबा) ने 93.2 प्रतिशत, लकेश्वर (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरासवानी, करतला) ने 92.6 प्रतिशत, आरती साहू (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरबी धतूरा, पाली) ने 92.2 प्रतिशत, आस्था यादव (सेजेस बिंझरा, पोंडी-उपरोड़ा) ने 92.2 प्रतिशत, दीप्ति (सेजेस नोनबिर्रा, पाली) ने 92 प्रतिशत, काव्या (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिलाईबाजार, कटघोरा) ने 90.8 प्रतिशत, आर्ची जायसवाल (सेजेस बिंझरा, पोंडी-उपरोड़ा) ने 90.8 प्रतिशत, शिवकुमारी (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली) ने 90.6 प्रतिशत, राशी (शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा) ने 90.6 प्रतिशत, शिवकुमारी द्वितीय (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली) ने 90.6 प्रतिशत, मुस्कान श्रीवास (सेजेस बिंझरा, पोंडी-उपरोड़ा) ने 90.4 प्रतिशत, संध्या (पीएमश्री सेजेस तिलकेजा, कोरबा) ने 90.2 प्रतिशत तथा श्रुति (सेजेस बिंझरा, पोंडी-उपरोड़ा) ने 90.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर गौरव बढ़ाया।सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरबा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम लेमरू में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेने पहुँचे। जहाँ उन्होंने पीएम आवास के एक हितग्राही के घर जाकर उनसे मुलाकात की और फीडबैक लिया। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में अलग-अलग विभागों के तहत संचालित योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को सामग्रियां और चेक वितरित किए।
खाद्य विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने लेमरू शिविर में 33 हितग्राहियों को अन्त्योदय एवं प्राथमिकता श्रेणी के राशन कार्ड वितरित किए। इनमें नकिया के 10, देवपहरी के 02, बडग़ांव के 05, लेमरू के 05, सतरेंगा के 07 और गढ़उपरोड़ा के 04 हितग्राही शामिल रहे। मछली पालन विभाग द्वारा नीली क्रांति मछुआ सहकारी समिति कुरूडीह, कोसगाई दाई भूविस्थापित मछुआ सहकारी समिति गढ़उपरोड़ा और प्रगति मछुआ सहकारी समिति नगोईबछेरा को श्महाजालश् प्रदान किया गया। वहीं गोल्डन आईलैंड मछुआ सहकारी समिति टिहलीसराई (बरभांठा) तथा जय बुढ़ी मां कोरबा मछुआ सहकारी समिति लालपुर को गिलनेट वितरित किए गए।
जनपद पंचायत कोरबा द्वारा लेमरू की कुमारी अरुणा, सतरेंगा के प्यारेलाल एवं माजिद को इलेक्ट्रॉनिक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। बडग़ांव की अनिता को ट्राइसाइकिल, धनगांव के महेत्तर सिंह को बैसाखी और 16 अन्य हितग्राहियों को श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) का वितरण किया गया।
उद्यानिकी विभाग द्वारा डिंडासरई के कृषक रायसराम व राजेंद्र तथा कल्दामार के जिमीलाल को ऑयलपाम बोरवेल योजना के अंतर्गत प्रत्येक को 1.60 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए। वहीं कोल्गा के जागर सिंह को ऑयलपाम रोपण योजना के तहत 29 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।कृषि विभाग द्वारा जाताडांड के अमृतलाल, हरदीमौहा के सत्यनारायण व सहेतरीन बाई तथा लेमरू के सुरेश कुमार, रामचरण और तिलमोथी को ओपनवेल 1.50 एचपी के पंप दिए गए। कुटुरूवां के प्रदीप कुजूर को सिंचाई पंप तथा केउबहार के फिलिप लकड़ा और लेमरू के सत्यम को पावर स्प्रेयर का वितरण किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को भी चेक वितरित किए।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल 09 हितग्राहियों को सुपोषित टोकरी प्रदान की गई।
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Saturday, June 13
जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य, सुशासन तिहार एक माध्यम:मुख्यमंत्री साय
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