कोलकाता। कोलकाता की विश्वप्रसिद्ध दुर्गा पूजा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार विवाद किसी थीम या विसर्जन को लेकर नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था ‘यूनेस्को’ के नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर है।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संस्था के प्रमुख और दुर्गा पूजा शोधकर्ता जयदीप मुखर्जी ने ‘मास आर्ट’ के कर्णधार ध्रुवज्योति बसु उर्फ शुभो पर गंभीर वित्तीय और सांस्कृतिक धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जयदीप मुखर्जी का आरोप है कि ध्रुवज्योति बसु ने साल 2022 से ‘मास आर्ट’ के बैनर तले कोलकाता की 24 चुनिंदा बड़ी पूजा समितियों को लेकर एक ‘प्रिव्यू शो’ आयोजित करता रहा है। इस दौरान विज्ञापनों और प्रचार में यह दावा किया गया कि यह आयोजन यूनेस्को के सहयोग से हो रहा है। इतना ही नहीं, ‘प्रिविलेज्ड प्री-पूजा एंट्री टिकट’ के नाम पर मोटी रकम वसूली गई, जिससे आम जनता और पर्यटकों के बीच यह संदेश गया कि यूनेस्को सीधे तौर पर इन पूजा पंडालों के चयन और टिकट बिक्री से जुड़ा है।

