
छत्तीसगढ़ में राजस्व का काम पूरी तरह ठप,BJP विधायक की गिरफ्तारी की मांग पर तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है,
रायपुर,छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में BJP विधायक राम कुमार टोप्पो की नायब तहसीलदार तुषार मानिक से कथित मारपीट और अभद्रता के मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार आंदोलन पर उतर आए हैं। जिससे राजस्व का काम पूरी तरह से ठप्प पड़ गया है,आप अंदाजा लगा सकतें हैं, इतनी कडाके कि धूप में जनता कितनी परेशान होगी,
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर रविवार 1 जून से राज्य के 500 से अधिक तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनिश्चितकालीन कलमबंद,कामबंद और सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं।
हड़ताल के चलते प्रदेश की अधिकांश तहसीलों में जाति, निवास,आय प्रमाण पत्र, नामांतरण, बंटवारा, भू-अभिलेख, रजिस्ट्री और अन्य राजस्व संबंधी काम प्रभावित हो गए हैं। आम लोगों को भी राजस्व सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सरकार का ध्यान इसपर नहीं जा रहा है कि जनता इतनी धूप में कितनी परेशान होगी,
दरअसल, 27 मई को सरगुजा जिले की मैनपाट तहसील के अंतर्गत राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान कथित रूप से मारपीट,अभद्र व्यवहार और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की घटना हुई थी।
इस मामले में सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके 10 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है कई दिन बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से राजस्व अधिकारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
संघ ने अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और राजस्व मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर में राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी,
मामले को लेकर पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने खुद का और विधायक रामकुमार टोप्पो का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।
वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी जांच में सहयोग करने की बात कही है। संघ के अनुसार इस आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी और अधिकारी संगठनों का समर्थन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने घटना की निंदा करते हुए अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं राजस्व पटवारी संघ ने भी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन का समर्थन किया है।अब देखने वाली बात होगी कि कानून का राज कहने वाली सुशासन की सरकार कैसे इन आरोपों से निपटती है,

