देखिए वीडियो छत्तीसगढ़ सुशासन सरकार में गौ माता का क्या हाल है,गौ माता के लिए कुछ अच्छा कर दो सरकार,रायपुर के बाद अब बेमेतरा में 50 से ज्यादा गौवंश की मौत चारा-पानी के अभाव का आरोप,गौ सेवकों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, जानकारी के अनुसार कुछ जगहों पर सरपंचो ने गौठान ही कब्जा कर लिया है,सरकार को गंभीर होने की है आवश्यकता,
रायपुर से मनोज शुक्ला कि रिपोर्ट:-
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बाद अब बेमेतरा जिले में गौ माता की दुर्दशा देखने को मिल रही है, बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के हेमाबंद गांव में बड़ी संख्या में गौवंश की मौत का मामला सामने आया है,गौसेवकों ने 50 से अधिक गौवंश की मौत का आरोप लगाते हुए इनके भूख-प्यास से मरने की आशंका जताई है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी दिलीप रॉय पर लोगों से पैसे लेकर गायों को अपने पास रखने का आरोप है। गौसेवकों का आरोप है कि उचित देखरेख और भोजन-पानी के अभाव में बड़ी संख्या में गौवंश की मौत हुई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए बेमेतरा कलेक्टर ने विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने भी आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लेकिन सवाल ये उठता है कि सरकारें गौ माता को लेकर संवेदनशील क्यों नहीं होती,गौ माता के नाम पर वोट लिए जाते हैं उसके बाद गौ माता भूल जाते हैं, सरकारें दावे बड़े बड़े करती हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही समाने आतें हैं, जानकारी के अनुसार पूर्व की सरकार ने गौठान के लिए जो सरकारी जमीन अधिकृत की थी कुछ जगहों पर सरपंचो ने गौठान की सरकारी जमीनों को भी कब्जा कर लिया है,ऐसे में सरकार को गौठान को लेकर संवेदनशील होने की आवश्यकता है समय समय पर गौठानों की मानिटरिंग कराने की आवश्यकता है जिससे गौ माता की दुर्दशा ना हो चारा पानी के अभाव में मौतें ना हो,

