देखिए ये है स्थिति छत्तीसगढ़ सरकार की,बच्चों की जान तो बख्श दो सरकार,छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार में 28 लाख का एक और विकास चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट,सरकारी स्कूल,बच्चों की जान से खिलवाड़,कौन है जिम्मेदार,
रायपुर से मनोज शुक्ला कि रिपोर्ट:-
क्या इस देश में बिना भ्रष्टाचार के कुछ विकास संभव हो सकता है,बिलासपुर,जिले के तखतपुर नगर पालिका परिषद तखतपुर द्वारा वार्ड क्रमांक 12 स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत लगभग 28 लाख रुपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त चार कक्ष भवन का लोकार्पण 23 जुलाई 2025 को बड़े उत्साह और
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया था,लोकार्पण कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पार्षद एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए।लेकिन विडंबना यह है कि उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा स्कूल भवन निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है जिसके चलते स्कूल में पढ़ने वाले नौनिहालों का जीवन संकट में नजर आ रहा है।

विद्यालय भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं, वही फर्श पर लगाई गई टाइल्स जगह-जगह से टूटकर उखड़ने लगी हैं।भवन की वर्तमान स्थिति को देखकर पालकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है और मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार और गुणवत्ता हीन सामग्री का उपयोग किया गया है। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद भवन की स्थिति
इतनी खराब होना सीधे-सीधे निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
नागरिकों का कहना है कि जब नया भवन ही कुछ महीनों में दरकने लगे,तो उसकी मजबूती का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। छात्र छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अभिभावकों का कहना है कि सरकार शिक्षा और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है,लेकिन जमीनी स्तर पर बच्चों को सुरक्षित भवन और मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।

