छत्तीसगढ़ सुशासन सरकार के विकास की गुणवत्ता देखिए,पखांजूर में
एक साल भी नहीं टिक पाई नहर,जीर्णोद्धार कार्य की खुली पोल,जल संसाधन विभाग में लीपापोती शुरू,ठेकेदार पर फोड़ा ठीकरा थमाया नोटिस,बात खत्म,जिम्मेदारी किसी की नहीं,
छत्तीसगढ़ के पखांजूर जिले में पीवी-91 एमआईटी तालाब की जीर्णोद्धारित नहर में एक साल से पहले ही दरारें पड़ने लगी साथ ही साथ नहर जगह जगह से टूटना शुरू हो गया है,
पखांजूर में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत कराए गए नहर जीर्णोद्धार कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीवी-91 स्थित एमआईटी तालाब से निकलने वाली नहर का काम पूरा हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ है,लेकिन नहर जगह-जगह से टूटने लगी है और इसमें बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं।
हालात ये हैं कि,कई जगह नहर का हिस्सा पूरी तरह टूटकर बिखर चुका है।जब मामला चर्चा में आया तो जल संसाधन विभाग की लीपापोती शुरू हो गई, विभाग ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया खराब हिस्सों को दोबारा तोड़कर नए सिरे से निर्माण करने के निर्देश दिए गए,सवाल ये उठना लाजमी हो जाता है कि जब कोई चीज बन रही होती है उस समय गुणवत्ता देखने की जिम्मेदारी किसकी क्या विभाग की जिम्मेदारी नहीं बनती कि गुणवत्ता की जांच की जाए जब जनता का पैसा बर्बाद हो जाता है तब विभाग ठीकेदार पर ठीकरा फोड़ जिम्मेदारी से मुक्त हो जाता है,क्या देश और प्रदेश में जिम्मेदारी नाम की कोई चीज बची है,ये बड़ा सवाल आए दिन देखने सुनने को मिलता है,

