देखिए वीडियो,चौंकाने वाली खबर,जब इस सिस्टम में एक IPS का ये हाल है,तो आम जनता का क्या होगा,
IPS आशुतोष मिश्रा की मां की हत्या के मामले में आजतक न्यूज चैनल द्वारा झूठी रिपोर्टिंग पर भड़के,कैसी रिपोर्टिंग है ❓ मां की हत्या पर की जा रही झूठी सरकारी रिपोर्टिंग पर भड़के IPS आशुतोष मिश्रा,ऐसे चैनलों के लिए कहा कि ये सुधर जाएं तो देश सुधर जाएगा,देखिए वीडियो क्या कहा,
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र में IPS आशुतोष मिश्रा की मां की हत्या के मामले में उनके द्वारा लिखाई गई एफआईआर साफ कहती है कि उनके मुंह से खून निकल रहा था।
मुंह में तौलिया ठूंसी हुई थी।
ऊपरी होंठ पर चोट के दो निशान संदेह पैदा कर रहे हैं कि किसी ने ज़बरदस्ती से उनकी हत्या कर दी है और शरीर के गहने आभूषण उठा ले गया है।
एफआईआर की तारीख 16 अगस्त है।
अभी सिर्फ दो दिन बीते हैं। आज 18 अगस्त है।
अभी न किसी जांच की रिपोर्ट आई है,न पुलिस का कोई बयान महज दो दिन के भीतर एक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ये लिख देना कि झूठी निकली IPS की मां के साथ लूट-हत्या की
कहानी,आखिर किस बात की ओर इशारा करती है?
आखिर किसे इतनी जल्दबाज़ी है कि IPS आशुतोष मिश्रा की मां की हत्या को हार्ट अटैक करार दिया जाए?क्या हार्ट अटैक की वजह सदैव स्वाभाविक ही होती है?किसी अस्वाभाविक वजह से हार्ट अटैक नहीं होता है?हर वक्त सरकार और पुलिस का पक्ष रखना ही अगर रिपोर्टिंग है तो नाम के आगे सरकारी रिपोर्टर लिख लेना चाहिए!IPS आशुतोष मिश्रा ने मां की हत्या पर की जा रही झूठी सरकारी रिपोर्टिंग पर भड़के,उन्होंने ऐसे चैनलों के लिए कहा कि-ये सुधर जााएं तो देश सुधर जाएगा।
न पुलिस की रिपोर्ट है इनके पास। न मेरे घर आकर पूछे। और चला रहे हैं कि जवाहरात बरामद हो गए।
दरअसल आशुतोष मिश्रा की मां के मुंह में कपड़ा ठूंसकर हत्या की गई।जवाहरात लूट लिए गए।एफआईआर में ये सब लिखा भी है।मगर कुछ खास चैनल बता रहे हैं कि हत्या और लूट की कहानी झूठी है।उनके पास न कोई पुलिस की रिपोर्ट, न कोई सबूत बस जो कहीं से बताया गया,उसी को टाइपिंग मशीन की तरह खटाखट चला दिया।

आशुतोष मिश्रा ने अंबेडकर नगर की पुलिस कप्तान प्राची सिंह के लिए यहां तक कह दिया,कि वे बता रही हैं कि खुलासा हो गया, लूटा गया सामान मिल गया। ऐसा कुछ नहीं हुआ और प्रेस में निकाले बैठे हुए हैं।आशुतोष मिश्रा ने पुलिस और पुलिसिया पत्रकारिता दोनो को आइना दिखा दिया है,मगर आपके लिए सोचने वाली बात ये है कि जब इस सिस्टम में एक IPS का ये हाल है,तो आम जनता का क्या होगा,

