
बिलासपुर में करोड़ों के हाइटेक कैमरे फेल या सिस्टम को खुली चुनौती? बिना नंबर की लग्जरी गाड़ी में घूम रहे नेताजी की गाड़ी कैमरे में हुए कैद,लेकिन कोई चालान नहीं,
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिसे न्यायधानी भी कहा जाता है, यहां आप नेता हैं तो आप के लिए कानून नाम की कोई चीज नहीं है,आप को बता दें यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए जनता का करोड़ों रुपये खर्च कर हाईटेक कैमरों का जाल बिछाया गया है। ये कैमरे रॉन्ग साइड ड्राइविंग,तीन सवारी,सिग्नल जंप और अन्य नियमों को तोड़ने पर वाहन मालिकों पर तत्काल ऑनलाइन चालान भेजने में सक्षम बताए जाते हैं।आप को जानकर हैरानी होगी ये नियम और कैमरे सिर्फ आम जनता के लिए है,लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में काले रंग की लग्जरी गाड़ी बिलासपुर की सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही है। खास बात यह है कि कार के शीशे पर बड़े बड़े अक्षरों में नेताजी लिखा हुआ है,लेकिन वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर कहीं दिखाई नहीं देता।मोबाइल के कैमरे में कैद यह वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है और सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जिस इलाके में यह वाहन देखा गया,वहां से कुछ ही दूरी पर सिविल लाइन थाना और यातायात विभाग सरकारी दफ्तर भी स्थित है.बावजूद बिना नंबर की लग्जरी काली गाड़ी बेखौफ होकर सड़कों पर घूमती रही और कथित तौर पर हाईटेक कैमरों की पकड़ से भी
दूर,बशर्ते आप की गाड़ी पर नेता जी लिखा होना चाहिए,
जानकारी के अनुसार यह वाहन किसका है और इसके पीछे कौन व्यक्ति है,इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वायरल तस्वीरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं❓क्या बिना नंबर प्लेट के वाहन शहर में खुलेआम घूम सकते हैं❓और आखिर करोड़ों रुपये के कैमरे ऐसे वाहनों की पहचान क्यों नहीं कर पा रहे हैं ❓क्यों जनता के पैसों की बर्बादी की जाती है❓
अब निगाहें पुलिस और यातायात विभाग पर टिकी हैं। देखना होगा कि बिना नंबर की इस रहस्यमयी गाड़ी का मालिक कब सामने आता है और नियमों को चुनौती देने वालों पर कार्रवाई कब होती है। फिलहाल “नेताजी” लिखी यह कार ने शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब इंतजार इस बात का है कि पहले कौन जागेगा-हाईटेक कैमरा, यातायात विभाग या फिर वह नंबर प्लेट, जो शायद अभी तक छुट्टी पर है।

