नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 255000 करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 (Emergency Credit Line Guarantee Scheme) को मंजूरी दे दी है। इसमें 5000 करोड़ रुपये एंयरलाइंस के लिए हैं। इस योजना का उद्देश्य 2.55 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त लोन प्रवाह को संभव बनाना और व्यवसायों को अल्पकालिक तरलता संबंधी चुनौतियों से निपटने में सहायता प्रदान करना है।
इस स्कीम का मकसद, पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए, योग्य कर्जदारों को किसी भी छोटी अवधि की लिक्विडिटी की कमी से निपटने में मदद करने के लिए दी गई अतिरिक्त क्रेडिट सुविधा के तहत डिफॉल्ट होने वाली रकम के लिए, नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) द्वारा सदस्य ऋण देने वाली संस्थाओं (MLIs) को MSMEs के लिए 100% और गैर-MSMEs के साथ-साथ एयरलाइन सेक्टर के लिए 90% क्रेडिट गारंटी कवरेज देना है।
क्या हैं Emergency Credit Line Guarantee Scheme 5.0 की विशेषता?
योग्य उधारकर्ता (Eligible Borrowers): वे MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और गैर-MSME जिनकी पहले से वर्किंग कैपिटल (कामकाजी पूंजी) लिमिट चल रही है। साथ ही, वे पैसेंजर एयरलाइंस जिन पर 31 मार्च 2026 तक क्रेडिट सुविधा (लोन) बकाया है। शर्त यह है कि उनके बैंक खाते ‘स्टैंडर्ड’ श्रेणी में होने चाहिए (यानी वे डिफॉल्टर नहीं होने चाहिए)।
MSME के लिए 100% कवर, और गैर-MSME व एयरलाइन सेक्टर के लिए 90% कवर।
गारंटी फीस (Guarantee Fee): शून्य (कोई फीस नहीं)।
आर्थिक मदद की सीमा (Quantum of Support): वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY 26) के दौरान इस्तेमाल की गई अधिकतम वर्किंग कैपिटल का 20% तक अतिरिक्त लोन मिलेगा (जिसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपये है)।एयरलाइंस के लिए यह 100% तक होगा (जिसकी अधिकतम सीमा 1,500 करोड़ रुपये प्रति उधारकर्ता है, जिसके लिए कुछ खास शर्तें माननी होंगी)।
एक्सपर्ट्स ने किया स्वागत
सरकार के इस कदम का एक्सपर्ट्स ने स्वागत किया है। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (AEPC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में घोषित ‘आपातकालीन ऋण रेखा गारंटी योजना’ (ECLGS) 5.0 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दी गई मंजूरी का स्वागत किया है, और इसे पश्चिम एशिया संकट के बीच व्यवसायों को सहायता प्रदान करने की दिशा में एक ‘समयोचित कदम’ बताया है।

