नई दिल्ली। शेयर बाजार और कॉर्पोरेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही जयप्रकाश गौड़ की ‘जेपी एसोसिएट्स’ (JP Associates) की कंपनी जेपी पावर अब जल्द ही अदाणी ग्रुप का हिस्सा बनने वाली है। दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी की अगुवाई वाली ‘अदाणी एंटरप्राइजेज’ (Adani Enterprises) ₹14,543 करोड़ की भारी-भरकम डील में इस कंपनी का अधिग्रहण कर रही है। इस ऐतिहासिक अधिग्रहण की सुगबुगाहट के बीच, जेपी पावर (JP Power Share News) ने शेयर बाजार को अपनी नई फाइलिंग के जरिए एक खास रिपोर्ट सौंपी है।
जेपी पावर ने एक्सचेंज फाइलिंग में क्या नई जानकारी दी है?
अधिग्रहण की इस प्रक्रिया के बीच, जेपी पावर (Jaiprakash Power Ventures News) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपनी ‘वार्षिक सचिवीय अनुपालन रिपोर्ट’ एक्सचेंज में दाखिल की है। इस रिपोर्ट में कंपनी के कामकाज, वैधानिक प्रावधानों के पालन करने और कॉर्पोरेट प्रशासन को लेकर विस्तृत ऑडिट पेश किया गया है।
क्या कंपनी सेबी और कॉर्पोरेट नियमों पर खरी उतरी है?
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक के वित्तीय वर्ष के दौरान जेपी पावर ने सभी जरूरी वैधानिक नियमों और पारदर्शी बोर्ड प्रक्रियाओं का पालन किया है। कंपनी ने जांच के दौरान अपने सभी बहीखाते, मिनट्स बुक, फॉर्म और रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराए।
ऑडिट अवधि के दौरान कौन से नियम लागू नहीं हुए?
फाइलिंग में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च 2026 तक की इस ऑडिट अवधि के दौरान जेपी पावर पर कुछ खास रेगुलेशंस लागू नहीं थे। इनमें मुख्य रूप से शेयरों का बायबैक, इक्विटी शेयरों की डीलिस्टिंग, कर्मचारी शेयर आधारित लाभ जैसी बाते शामिल थी।

