नई दिल्ली। मौजूदा भू-राजनीतिक संकट के बीच भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से छह दिवसीय दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव यूएई होगा, जहां वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना और पश्चिम एशिया संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।
द्विपक्षीय मुद्दों पर होगी बात
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि दोनों नेताओं को द्विपक्षीय मुद्दों, विशेष रूप से ऊर्जा सहयोग, साथ ही पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा। संयुक्त अरब अमीरात भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले 25 वर्षों में कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्त्रोत है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात में 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के रहने के कारण, यह यात्रा उनके कल्याण पर चर्चा करने का भी एक अवसर होगा। अपनी यात्रा के दूसरे चरण में मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड का दौरा करेंगे।

