रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर विधि व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय भूमिका में रहे। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार से कोई कोताही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राज्य के भीतर कानून व्यवस्था की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को चिन्हित कर उन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करें।
विवादों से निपटते समय अत्यंत सतर्क रहने की जरूरत
शहरी क्षेत्र से सटे इलाकों के प्रभारी अधिकारियों को भूमि संबंधित विवादों से निपटते समय अत्यंत सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस अधिकारी की ओर से किसी भी कीमत पर भू-माफिया को कोई संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
वर्तमान समय में अक्सर शहरों से सटे क्षेत्रों में भूमि संबंधित अपराध की खबरें देखने और सुनने को मिलती है। भूमि विवाद संबंधित मामलों पर पुलिस प्रशासन कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी। इसलिए प्रत्येक स्तर पर संवेदनशील होने की आवश्यकता है।
लापता बच्चों और महिलाओं से संबंधित मामलों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य में लापता बच्चों और महिलाओं से संबंधित मामलों को प्राथमिकता दें। लापता बच्चों एवं महिलाओं के जितने भी मामले हैं उन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए उनकी सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आम जनों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर संगठित अपराध के मामले में सख्ती से नपटें।
राज्य सरकार संगठित अपराध को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को पूरी सुविधा और व्यवस्था प्रदान कर रही है। मौके पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी तथा सभी जिलों के एसएसपी, एसपी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

