बड़ी खबर,रायपुर सांसद,बृजमोहन अग्रवाल का आरोप,IAS अमित कटारिया विवाद,आईएएस ने कहा जो करना हो कर लो,सांसद ने किया लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत,साथ कार्मिक मंत्रालय से भी शिकायत,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्विटकर सरकार पर साधा निशाना,देखिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्या कहा,
रायपुर से मनोज शुक्ला कि रिपोर्ट:-
रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित कटारिया के बीच कथित फोन वार्ता को लेकर विवाद अब लोकसभा तक पहुंच गया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का आरोप है कि उनके संसदीय क्षेत्र से जुड़े जनहित के मामलों पर भेजे गए पत्रों और स्मरण-पत्रों का कई महीनों तक कोई जवाब नहीं दिया गया।
20 मई 2026 को उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से शिकायत की।इसके बाद अमित कटारिया ने उन्हें फोन किया।
सांसद का आरोप है कि बातचीत के दौरान आईएएस अधिकारी ने उनसे अपमानजनक लहजे में बात की और कथित तौर पर कहा, जो करना है कर लो।
बृजमोहन अग्रवाल ने इस व्यवहार को सांसद के विशेषाधिकार का हनन बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन की सूचना दी है।
उन्होंने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने और अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
लोकसभा सचिवालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से इस मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है,ताकि इसे लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष रखा जा सके,
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस विवाद पर अमित कटारिया की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह मामला फिलहाल जांच और संसदीय प्रक्रिया के अधीन है,इसी बीच अब छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्विटकर सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है कि
श्री बृजमोहन अग्रवाल जी से वैचारिक असहमतियाँ हो सकती हैं. लेकिन वे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं.
देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा के सदस्य हैं. रायपुर राजधानी के सांसद हैं.
उनके साथ एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह का बर्ताव दर्शाता है कि प्रदेश की कमान दिल्ली और नागपुर के हाथ में हैं.
इसलिए किसी अधिकारी को जनता के काम और जनप्रतिनिधि की मांग से कोई फर्क नहीं पड़ता.वे बस दिल्ली और नागपुर को खुश करके अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं.
यह उन सभी मतदाताओं का अपमान है जिन्होंने जनप्रतिनिधि को चुना है.
बृजमोहन अग्रवाल जी का अनुभव बहुत लंबा है. वे संगठन को भी जानते हैं और सत्ता को भी. उनको क्या करना है वो ठीक से जानते हैं. अधिकारियों से निपटना उन्हें आता है. उम्मीद है अपने मतदाताओं को वे निराश नहीं करेंगे.


