फरीदाबाद, १० मई ।
नगर निगम सदन की बजट बैठक में हुई केंद्रीय मंत्री की घोषणा पर नगर निगम ने यू टर्न ले लिया है। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर की ओर से घोषणा की गई थी पार्षदों को विकास कार्य के लिए दो-दो करोड़ रुपये दिए जाएंगे। जिससे वह अपने वार्ड में विकास कार्य करवा सकेंगे। इसको लेकर छह मई को आयुक्त ने आदेश जारी करके सभी कार्यकारी अभियंता को विवरण जुटाने के लिए कहा था। निगम की इंजीनियरिंग ब्रांच ने पार्षदों से बातचीत करके एस्टीमेट बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन तीन दिन बाद भी आयुक्त ने एक और पत्र जारी करके आदेश को वापस ले लिया।इसके साथ ही दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों के एस्टीमेट बनाने पर तुरंत रोक लगाने के लिए कहा है। निगम आयुक्त के इस आदेश से पार्षदों में रोष है। उनका कहना है कि यह रुपये विकास कार्य में खर्च होने थे। अब इससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। हालांकि निगम का कहना है कि जो विकास कार्य वार्ड में पहले से चल रहे हैं। उन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। वहीं पार्षद संबंधित कार्यकारी अभियंता के साथ तालमेल करके अपने वार्ड में काम करवा सकते हैं। नगर निगम में पार्षद चुनाव का एक साल से अधिक समय बीत चुका है। अभी तक सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और फाइनेंस कमेटी का गठन नहीं हो पाया है। प्रदेश अध्यक्ष भी इसको लेकर प्रयास कर चुके हैं। फाइनेंस कमेटी का गठन नहीं होने की वजह से दो करोड़ रुपये से अधिक वाले कामों को लेकर फाइल चंडीगढ़ जाती है।
28 मार्च को नगर निगम सदन की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर द्वारा पार्षदों की मांग पर घोषणा की गई थी सभी पार्षदों को अपने वार्ड में काम करवाने को लेकर दो-दो करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वह अधिकारी से बातचीत करके एस्टीमेट तैयार करवाकर अपने वार्ड में काम करवा सकेंगे। पार्षदों का कहना था कि उनको सीवर और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के समाधान को लेकर भटकना पड़ता है। निगम की ओर से अलग-अलग वार्ड में दो करोड़ रुपये की लागत से होने वाली विकास कार्य को टेंडर लगाने की तैयारी की जा रही थी। बताया जा रहा है कि शहरी स्थानीय निकाय ने निगम के इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। इस नए आदेश की हमारे पास कोई सूचना नहीं है। निगम सदन की बैठक में मेयर प्रवीण बत्रा जोशी के समक्ष जो घोषणा केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने की थी, उसका जरूर पालन होना चाहिए। यदि दो-दो करोड़ के काम कराने जाने पर रोक लगाई है तो इस बारे में निगमायुक्त से बात करेंगे। – अजय बैसला, पार्षद, वार्ड नंबर 29 शहरी स्थानीय निकाय के अनुसार बजट में कोई भी ऐसा प्रविधान नहीं है।
जिसमें किसी भी पार्षद को इस तरह का फंड जारी किया जाए। अब पार्षदों से एक साल का एक्शन प्लान मांगा जाएगा। इस एक्शन प्लान में वह बताएंगे कि उनके वार्ड में कौन कौन से विकास कार्य करवाएं जाने हैं।
Wednesday, May 20
फरीदाबाद में पार्षदों को विकास कार्यों के लिए नहीं मिलेंगे दो-दो करोड़ रुपये, निगम ने लिया यू-टर्न
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