कोरिया बैकुंठपुर। कोरिया जिले में आयोजित सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर में अधिकारियों की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसने शासन की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर प्रदेश सरकार गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर कुछ जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं।
मामला कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र उज्ञाव गांव का है, जहां 8 मई को जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। यह गांव जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है। शासन की मंशा थी कि दूरस्थ ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय न जाना पड़े, बल्कि उनकी शिकायतों का निपटारा गांव में ही किया जा सके। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। लेकिन उनकी उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया, जब प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना विभाग के एसडीओ समेत तीन कर्मचारी अपने कर्तव्यों को छोड़ मोबाइल पर लूडो खेलते हुए कैमरे में कैद हो गए। यह दृश्य न केवल चौंकाने वाला था, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी खड़ा करता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारी शिविर के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने के बजाय मोबाइल गेम में व्यस्त थे। जैसे ही उन्हें कैमरे की भनक लगी, उन्होंने तुरंत मोबाइल स्क्रीन को डायरी से ढंकने की कोशिश की और धीरे-धीरे वहां से खिसकने लगे। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं सुशासन तिहार के तहत विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाए। इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही शासन की मंशा के विपरीत नजर आती है। इस घटना के बाद शिविर में मौजूद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचे थे, लेकिन अधिकारियों की इस गैरजिम्मेदाराना हरकत से उन्हें निराशा हाथ लगी। उन्होंने मांग की है कि ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला केवल चर्चाओं तक ही सीमित रह जाएगा। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो सुशासन तिहार जैसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
*दुर्ग। दुर्ग की सडक़ों पर अब मनमानी पार्किंग और सडक़ घेरकर कारोबार करना भारी पडऩे लगा है। यातायात पुलिस ने ऐसा सख्त अभियान छेड़ा है कि नियम तोडऩे वालों में हडक़ंप मच गया।
Wednesday, May 20
सुशासन तिहार के समाधान शिविर में लापरवाही जिम्मेदार अधिकारी लूडो खेलते कैमरे में कैद
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