जांजगीर-चाम्पा। धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों पर धान शॉर्टेज, कमी के मामलों में बिना प्रत्यक्ष साक्ष्य एफआईआर दर्ज कर प्रताडि़त किए जाने, वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण दिए जाने तथा कंप्यूटर ऑपरेटरों की कार्य-जिम्मेदारी पृथक निर्धारित करने बाबत न्यायोचित हस्तक्षेप एवं आवश्यक निर्देश जारी किए जाने हेतु राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम सोमवार को कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के जिलाध्यक्ष चंडी सिंह ज्ञापन ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य शासन के निर्देशानुसार सहकारी समितियों एवं धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जाता है। उक्त कार्य में धान खरीदी प्रभारी, समिति प्रबंधक, समिति अध्यक्ष, नोडल अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, भंडारण प्रभारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त रहते हैं, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर केवल तकनीकी कार्य एवं ऑनलाइन डेटा एंट्री हेतु नियुक्त किए जाते हैं। वर्तमान में जिला जांजगीर-चांपा के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में कथित धान शॉर्टेज के मामलों में तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों के विरुद्ध एफआईआर एवं दंडात्मक कार्रवाई की गई है। यह समस्त कंप्यूटर ऑपरेटर वर्ग के लिए अत्यंत चिंता, भय एवं मानसिक प्रताडऩा का विषय बन गया है। एफआईआर दर्ज होने के माह भर पूर्व सेवा सहकारी समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर कुश सिंह ठाकुर जिला नोडल अधिकारी जांजगीर-चाम्पा को एक आवेदन दिया था जिसमें उन्होंने बताया था कि सेवा सहकारी समिति मर्यादित कडारी में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। धान खरीदी वर्ष 2025-26 के दौरान मेरे द्वारा केवल कंप्यूटर ऑपरेटिंग (डाटा एंट्री) का कार्य किया गया है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता है कि मेरे द्वारा पोर्टल में की गई समस्त प्रविष्टियां संबंधित धान खरीदी प्रभारी ?द्वारा लिखित रूप से उपलब्ध कराई गई आनकारी के आधार पर ही की गई हैं। अत: धान खरीदी में यदि किसी प्रकार की कमी, त्रुटि अथवा अनियमितता पाई जाती है, तो उसमें मेरी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं है। साथ ही धान खरीदी प्रभारी ?द्वारा स्टाम्प पेपर पर लिखित रूप से यह स्वीकार किया गया है कि धान खरीदी से संबंधित किसी भी प्रकार की कमी-बेसी अथवा अनियमितता की पूर्ण जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मुझे धान खरीदी से संबंधित किसी भी प्रकार की जांच कार्यवाही में अनावश्यक रूप से सम्मिलित न किया जाए एवं मुझे इस प्रकार की अनियमितताओं से पृथक रखा जाए।अपने ज्ञापन में कम्प्यूटर संघ ने बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर की वास्तविक भूमिका रहती ऑनलाइन डेटा एंट्री करना, किसान पंजीयन एवं टोकन एंट्री, खरीदी डेटा पोर्टल में अपलोड करना, प्रिंट करना, शासन पोर्टल का तकनीकी संचालन करना, उपलब्ध दस्तावेज एवं तौल पर्ची के आधार पर डिजिटल प्रविष्टि करना होता हैं, उन्होंने बताया कि जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर धान का भौतिक सत्यापन नहीं करता, गोदाम/धान भंडारण का प्रभारी नहीं होता, धान की सुरक्षा अथवा चौकीदारी नहीं करता, परिवहन एवं उठाव नियंत्रित नहीं करता, स्टॉक का वास्तविक कब्जाधारी नहीं होता, भुगतान स्वीकृत नहीं करता, प्रशासनिक अथवा वित्तीय निर्णय लेने का अधिकार नहीं रखता। अत: केवल डेटा एंट्री कार्य करने वाले कर्मचारी को धान कमी का आरोपी बनाना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता। संघ ने बताया कि वास्तविक जिम्मेदारी किनकी होती है धान खरीदी प्रभारी, समिति प्रबंधक, समिति अध्यक्ष, नोडल अधिकारी एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारी ही होती हैं।
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Thursday, August 20
धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटरों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
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