नईदिल्ली, १२ मई ।
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के आर्थिक असर को देखते हुए केंद्र सरकार आपातकालीन कदमों पर विचार कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाने और सोना व इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे गैर-जरूरी आयात को सीमित करने जैसे विकल्पों पर मंथन कर रही है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की चर्चा हुई है। बढ़ती तेल कीमतों का असर अर्थव्यवस्था, रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार पर कम करने के लिए अलग-अलग प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।हालांकि, अभी तक इन आपातकालीन उपायों पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार सोना और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सामान के आयात को सीमित करने के विकल्प पर भी विचार कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 24 घंटों में दो बार लोगों से फ्यूल की खपत कम करने की अपील की है। उन्होंने विदेशी यात्राएं सीमित करने, जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाने और सोना व गैर-जरूरी सामान कम खरीदने की सलाह दी।हालांकि सरकार की ओर से अब तक किसी खास कदम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन माना जा रहा है कि बढ़ते वैश्विक तनाव और तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए सरकार सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस संकट की तुलना कोविड-19 महामारी के दौर से भी की। उन्होंने कहा कि दुनिया पिछले कुछ वर्षों से लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहले कोविड संकट आया, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कोविड महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो पश्चिम एशिया का युद्ध इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक है। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह देश ने मिलकर कोविड की चुनौती का सामना किया था, उसी तरह इस संकट से भी बाहर निकल जाएगा।उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि इस वैश्विक संकट का असर देश की जनता पर कम से कम पड़े। बताया जा रहा है कि सरकार जिन उपायों पर विचार कर रही है, उनका मकसद बढ़ती ऊर्जा लागत और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को नियंत्रित करना है।
What's Hot
Saturday, June 13
बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? मिडिल ईस्ट संकट के बीच केंद्र का प्लान, सामने आई रिपोर्ट
Previous Articleविपक्ष को रास नहीं आई पीएम मोदी की बचत वाली अपील, राहुल ने कहा- जनता पर डाली जा रही नाकामी
Next Article Next Post
Related Posts
Add A Comment
About Us
Editor & Publisher: Manoj Shukla
Co-Editor: Mohammad Shah Aalam
Office Address:
VV Vihar Colony, Street No. 07,
Mova, Raipur, Chhattisgarh – 492001
India
Important pages
© 2026 News India Live 36.

