नईदिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा विदेश यात्राओं पर टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने की कथित खबरों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी तरह गलत बताया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह की किसी भी नीति पर सरकार विचार नहीं कर रही है और मीडिया रिपोर्ट्स में किए जा रहे दावे भ्रामक हैं। हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार विदेश यात्रा पर अतिरिक्त टैक्स या शुल्क लगाने पर चर्चा कर रही है, हालांकि उसमें यह भी कहा गया था कि अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लिखा कि यह दावा पूरी तरह झूठा है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि विदेश यात्रा पर इस तरह का कोई टैक्स, सेस या प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य देश में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजऩेस’ और ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ को लगातार बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां नागरिकों के जीवन को सरल बनाने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बनाई जा रही हैं, न कि किसी तरह का अतिरिक्त बोझ डालने के लिए। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद यह मामला काफी हद तक स्पष्ट हो गया है और उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि विदेश यात्रा पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में सुधार देखा जा रहा है, इस तरह की अफवाहें बाजार और यात्रियों के बीच भ्रम पैदा कर सकती हैं।

